About Us

नमस्कार, पढ़ना शुरू करने के साथ ही शब्दकोख आपकी सेवा में है, सुनना पढ़ना और समझना ये तीन काम जिन्हें सही क्रम में करना हमारे आपके दोनो के लिए बेहद जरूरी है, हम जो कुछ भी सुनते है,जो कुछ भी पढ़ते है और उससे जितना कुछ भी समझते है, कही न कही वो हमारे व्यक्तित्व को या हमारी विचार धारा से जन्मा या हमारी जड़ो से जुड़ा हुआ रहता है जो लेखन पाठन हमे छू जाने का काम करता है।

इसी तरह हम आपके समक्ष श्ब्दकोख के मध्यम से कुछ भी लिखने से पहले या लिखते वक्त ही यह जरुर याद रखते है कि लेखन वो कार्य है जो हम कभी खुद से नही शुरू करते यदि मैं चाहू की मैं बैठ कर कुछ लिखू तो मेरे लिए यह मुमकिन नही है। हम सभी को लेखन सदैव एक वरदान स्वरूप मिलता है, चाहे वो वक़्त के साथ हो या परिस्थितियों के साथ हमारा लेखनी के उप्पर कोई अधिकार नही होता।

ठीक इसी तरह हमारी कलम की कोख से भी कुछ कविताएं, किस्से व कहानिया वरदान स्वरूप आयी है, जिन्हें हम हमारी कलम की कोख से जन्मे टूटे-फूटे शब्दो को जोड़ बटोर कर आपके समक्ष पेश करने की कोशिश कर रहे है। अन्ततः आपसे करबद्ध निवेदन करते है, हमारे शब्दों की आलोचना सराहना उनकी और अपनी समझ की काबिलियत के साथ ही करे और हमे व हमारी लेखनी को अपने आशीर्वाद से गौरान्वित करने की कृपा करें व अपनी पाठन की सेवा का मौका देते रहे, धन्यवाद।