पहले उससे मेरी काफी बातें होती थी

पहले उससे मेरी काफी बातें होती थी।अपनी हर तकलीफें मुझसे बताती थी।उसकी फैमिली का एक हिस्सा बन चुका था।उसके देर रात जगने की वजह बन चुका था।आज भी वो जगती है रात भर, पर मेरे लिए नहीं।

अब मैं खुद से थक चुका हूँ पापा

ये शहर अब मुझे रास नही आ रहा हैतेरा बेटा तेरे पास आ रहा है, पापा अब मैं खुद से थक चुका हूं पापा।इस दिखावे की दुनिया सेपरत दर परत वाले इन खूबसूरत चेहरों से।अब मैंने सिसकियां लेना भी छोड़ दिया है।हां मैंने सोचना भी कम कर दिया है लेकिन मैं आज भी सोचता हूं आपकी खुशियों के बारे मेंमम्मी […]

अब कभी लौटकर न आऊंगा

सुनोबहुत थक सी चुकी थी न तुम मेरे हर सवालों से?प्यार, वक़्त की भीख मांगता था।तुम्हें पाने के लिए तुमसे ही लड़ा करता था।पर ठहर सा चुका हूं तुम्हें पाने की जिद्द मेंअब लाख रोऊंगा, खुद को मनाऊंगा लेकिन तुम्हारे सामने नहीं गिड़गिड़ाऊंगा,बन गई थी तुम मेरी कमजोरी, अब मैं उसी को अपनी ताकत बनाऊंगाबिखकरकर कैसे समेटते हैं ख़ुद को […]

वापस नहीं आएगी आयशा

खुद से हार कर अपने प्यार को पाने को चाहत इंसान को तोड़कर रख देता है।पेट में ही बच्चा मर जाए, ब्लीडिंग हो, डिप्रेशन में चली जाए, सबकुछ समेटने में आयशा बिखर जाए। हर पल एक नई तकलीफ से गुजरती रही लड़की चुपचाप रही, बस इस ख्याल से कि मां बाप की इज़्ज़त पर आंच न आए। शायद बहुत टूट […]

पापा खुद से हारते जा रहे हैं 

शाम विदा ले रही थी, रात दस्तक दे रही थी,स्कूटर की आवाज कानों में गूंजने लगी,एहसास हो चुका था पापा ही होंगे,चेहरे पर शिकन साफ दिखी,मालूम था कि पूछने पर कुछ नहीं बताएंगे। चहेती बिटिया ने गुनगुने पानी के साथ चाय दी, हिम्मत करके उसने पूछना चाहा, पर जवाब नहीं मिला।मम्मी को एहसास हो चुका था, जेब टटोलनी चाही तो […]

हां मैंने भी लड़कों को रोते देखा है

लड़कों की लाइफ न बड़ी आसान होती है।लड़कों को तो हर तरफ से खुली आज़ादी हैलड़कों के अंदर तो फीलिंग्स ही नहीं होती।और लड़के लड़कियों की तरह कभी रोया नहीं करते ये सारी बाते अक्सर सबने सुनते देखा हैपर मैने लड़कों को रोते देखा है,अपनी सारी कमजोरियों को छुपाकर उन्हें मुस्कुराते देखा है।वो लड़के जो बिना वजह अकड़ जाते थे, […]

चलो हिंदी शब्दों को धागे में पिरोते हैं

चलो खुद से खुद को हिंदी से जोड़ते हैं,खोता हुआ हिंदी का अस्तित्व फिर से निखारते है, हिंदी के इन ढेर सारे शब्दों को एक धागे में पिरोते हैं,चलो आने वाली पीढ़ियों को हिंदी का महत्व बताते हैं। पढ़ना न भूलें : World hindi day: हिंदी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी

World hindi day: हिंदी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी

World hindi day: तुम क्या जानोगे इस हिंदी का महत्व, जब मेरी मां से पहली दफा मेरे कानों में हिंदी के वो सुर गूँजे थे, वो इस बात का एहसास था कि हिंदी खुद में कितनी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी। पढ़ना न भूलें : मुझे हर रात हैरान करती यही है

16 दिसम्बर: बीत गए 08 साल

16 दिसम्बर याद है न, या सब भूल गए। आज ही के दिन की थी वो काली रातये कैसे भुलाया जा सकता है निर्भया, जहाँ तुम चीखी थी, चिल्लाई थी, तड़पी थी, अपने जिस्मों को बचाने के लिए हर वो संभव प्रयास की थी। पर वहाँ सुनने वाला कोई नहीं था , तुम्हारा प्यार जिसके साथ तुम अपनी जिंदगी गुजारने […]

बारिश और उसकी याद

आज फिर से बरसात आँगन आयी हैउसमे थोड़े से गम ऐ आंसू लायी हैदिल कहता है भीग जाऊ उस बारिश मैंक्योंकि आज इस बरसात ने फिर से किसी की याद दिलाई है जब मेरी नासमझ वाली हरकतों पे तू मुझपे चिल्लाई है,मेरे भीगी हुई पलके तेरे लबो से टकराई है ,गुमसुम से बैठा अकेले में जब तू आके मुझे मनाई […]