पहले उससे मेरी काफी बातें होती थी

पहले उससे मेरी काफी बातें होती थी।अपनी हर तकलीफें मुझसे बताती थी।उसकी फैमिली का एक हिस्सा बन चुका था।उसके देर रात जगने की वजह बन चुका था।आज भी वो जगती है रात भर, पर मेरे लिए नहीं।

लत में

मै- नशे में की गयी गलतियां अक्सर होश में आ जाने के बाद समझ में आ जाती हैं। वो- पर उन गलतियों का क्या, जो तुमने होश में रहकर की और नशा कर के भुला दिया। मना लेना

चलो हिंदी शब्दों को धागे में पिरोते हैं

चलो खुद से खुद को हिंदी से जोड़ते हैं,खोता हुआ हिंदी का अस्तित्व फिर से निखारते है, हिंदी के इन ढेर सारे शब्दों को एक धागे में पिरोते हैं,चलो आने वाली पीढ़ियों को हिंदी का महत्व बताते हैं। पढ़ना न भूलें : World hindi day: हिंदी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी

World hindi day: हिंदी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी

World hindi day: तुम क्या जानोगे इस हिंदी का महत्व, जब मेरी मां से पहली दफा मेरे कानों में हिंदी के वो सुर गूँजे थे, वो इस बात का एहसास था कि हिंदी खुद में कितनी मीठी है बिल्कुल मेरी मां जैसी। पढ़ना न भूलें : मुझे हर रात हैरान करती यही है

इज़हार हमारा

शायरी समझो या इज़हार हमारा दिल से निकली हुयी बात है इसपर काबू नहीं है हमारा अगर धड़कन रोक सकते हम, तो कह देती तुम झूठे हो और मान लो रोक ली धड़कन भी हमने तो इलज़ाम किस पर लगाओगी पोटली भर इश्क़: दो कश

सनम बेवफ़ा

वो ज़ुल्म भी किसी एक का था, शिकार सारे हो गए दिल उसका रक़ीब ने तोड़ा था। ये भी, हम भी, वो भी बदनाम सारे हो गए शब्द संग्राहलय:काश हमारी किस्मत भी ऐसी होती हमारे घर भी एसी होती

शब्द

शब्द है वो हवा जो हर साँस में बस्ती है। शब्द है वो शुरुआत जो हर जान में बस्ती है। अरे! हम तो आशिक़ है शब्द के, क्योंकि मेरी जान शब्दों में बस्ती है। कहीं ये पढ़ना भूल ना जाना https://rb.gy/ebhqlk