पोटली भर इश्क़
गुलाब डे

गुलाब डे

गुलाब डे

मैं चाहता हूँ आज तुमको

मैं भी उन सबकी तरह गुलाब दू

रातों में जागते हुए देखे ख्वाब को

आज़ाद करूँ

मैं ये भी जनता हूँ कि ये नहीं हो पायेगा

पर तू भी कभी सोच की

दिल ये मेरा बिना तेरा इंतजार करे,

क्या? रह पायेगा

मैं आज के दिन भी उदास हूँ।

पर तेरी याद में जागता हुआ एक विश्वाश हूँ।

कि तू एक दिन आएगा और

आज के दिन मेरे हाथों से गुलाब लेकर

मुझे अपने सीने से लगाएगा

-तरुण
गुलाब डे मैं चाहता हूँ आज तुमको  मैं भी उन सबकी तरह गुलाब दू  रातों में जागते हुए देखे ख्वाब को  आज़ाद करूँ
Happy Rose Day गुलाब डे

कुछ ख़ास लिखा है

1 thought on “गुलाब डे

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