अब कभी लौटकर न आऊंगा

सुनोबहुत थक सी चुकी थी न तुम मेरे हर सवालों से?प्यार, वक़्त की भीख मांगता था।तुम्हें पाने के लिए तुमसे ही लड़ा करता था।पर ठहर सा चुका हूं तुम्हें पाने की जिद्द मेंअब लाख रोऊंगा, खुद को मनाऊंगा लेकिन तुम्हारे सामने नहीं गिड़गिड़ाऊंगा,बन गई थी तुम मेरी कमजोरी, अब मैं उसी को अपनी ताकत बनाऊंगाबिखकरकर कैसे समेटते हैं ख़ुद को […]