पल दो पल का शायर
मुझे हर रात हैरान करती यही है

मुझे हर रात हैरान करती यही है

मुझे हर रात हैरान करती यही है, शरीफों के घर की सड़क भी खराब है।

वो उस घर की बेटी आत्मनिर्भर और पाक है।

फिर भी किसी के घर के चिराग की नज़रों का शिकार है।

कपड़े पहनने, चलने का सलीका समय की पाबंदियां क्यों सब उसी के खिलाफ हैं।

दोस्तों के साथ दारू चिकन बिरयानी गाड़ी का तेल कहां इसका हिसाब हैं,

फ़ोन चलाते हुए मुस्कुरा दे तो इसका कहीं और ध्यान हैं।

वो फेसबुक पर दारू पार्टी ट्वेंटी ऐट विथ अदर्स करे तो गर्म जोश है ये कहां बदनाम है,

ये मंदिर भी जाना चाहे तो भाई पहरेदार है।

जनाब जगराता बता कर काण्ड कर आये, तो माँ कहे! दुबारा नहीं करेगा छोड़ दो उसको तेज बुखार हैं।

घर की ज्योति पाबंदियों में जकड़े, घर का चिराग तो नंगी मशाल है।

भाई साहब ये कहा का इन्साफ है… भाई साहब ये कहा का इन्साफ है…

बस मुझे हर रात हैरान करती यही है, शरीफों के घर की सड़क भी खराब है।

eve teasing is a criminal offence raise your voice against it NOW मुझे हर रात हैरान करती यही है

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1 thought on “मुझे हर रात हैरान करती यही है

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